मेवाड़ का इतिहास में खानवा का युद्ध के 5 प्रश्न । KHanwa Ka Yudha

19.3 मेवाड़ का इतिहास-खानवा का युद्ध

पिछली कक्षाओं में हमने मेवाड़ का इतिहास-1,  मेवाड़-का-इतिहास-2 को हमने पढ़ लिया है और आज हम 19.3 मेवाड़ का इतिहास को आगे बढ़ाते हुए खानवा का युद्ध तक पढ़ेगें । मेवाड़ के इतिहास में कई सूर वीर हुए और कई शासक हुए । उन शासकों ने अपने शासन काल में क्या क्या कार्य किए तथा उदा, रायमल, पृथ्वीराज सिसोदिया, जयमल, राणा सांगा, रतन सिंह प्रथम के अध्ययन के बारे में पढ़ेंगे । राणा सांगा ने कई युद्ध किए, जिनमें से खातौली का युद्ध, बाड़ी का युद्ध, गागरोन का युद्ध, बयाना का युद्ध, खानवा का युद्ध किए ।

मेवाड़ का इतिहास-खानवा का युद्ध

उदा (Uda)

• उदा का शासनकाल 1468 से 1473 तक रहा ।
• उदा की मृत्यु आकाशीय बिजली गिरने से हुई ।
• उदा को उदयसिहं प्रथम भी कहा जाता है ।

रायमल (Raymal)

• रायमल का शासनकाल 1473 से 1509 तक रहा ।
• रायमल ने मेवाड़ में तालाबों का निर्माण करवाया और कृषि को बढ़ावा दिया ।
• श्रृंगार देवी रायमल की रानी ने मेवाड़ में धोसुंडा तालाब का निर्माण करवाया ।
• रायमल के बड़े तीनों पुत्रों (पृथ्वीराज सिसोदिया, जयमल और राणा सांगा) में उत्तराधिकारी युद्ध हुआ ।

पृथ्वीराज सिसोदिया (Prithaviraj Sisodiya)

• पृथ्वीराज सिसोदिया एक तेज धावक था । इस कारण इसे उड़ना राजकुमार कहते है ।
• सिरोही के शासक जगमाल के द्वारा पृथ्वीराज सिसोदिया को विष देने से मृत्यु हो गई ।
• पृथ्वीराज सिसोदिया की दासी पुतल दे का पुत्र बनवीर था ।

जयमल (Jaymal)

• जयमल (Jaimal) की मृत्यु विवाह से पहले लड़की को देखने के हठ की वजह से हुई ।

राणा सांगा (Rana Sanga)

• राणा सांगा ने अपने भाईयों से बचने के लिए अजमेर के कर्मचन्द के पास शरण ली ।
• राणा सांगा का शासनकाल 1509 से 1528 तक रहा ।
• राणा सांगा संग्राम सिंह के नाम से मेवाड़ का शासक बना ।
• राणा सांगा संग्राम सिंह प्रथम के नाम से जाना जाता है ।
• जब सांगा शासक बना उस समय दिल्ली का शासक सिकन्दर लोदी था ।
• राणा सांगा के शरीर पर 80 घाव थे ।
• सांगा के एक आंख एक हाथ व एक पैर नहीं था ।
• कर्नल जेम्स टॉड ने राणा सांगा को ‘सैनिको का भाग्नावेश’ कहा है ।
• सांगा को ‘हिन्दुपति तथा हिन्दुपात’ भी कहा जाता है ।
• सांगा ने अजमेर के कर्मचन्द को रावल की उपाधि दी ।

खातौली का युद्ध (Khatoli Ka Yudha)

• खातौली का युद्ध 1517 में बुंदी में हुआ ।
• खातौली का युद्ध राणा सांगा व दिल्ली का शासक इब्राहिम लोदी के मध्य हुआ ।
• खातौली के युद्ध में विजय राणा सांगा की हुई ।
• खातौली के युद्ध में सांगा का एक हाथ कट गया तथा पैर में तीर लगी ।

बाड़ी का युद्ध (Bari Ka Yudha)

• बाड़ी का युद्ध 1518 में धौलपुर में लड़ा गया ।
• बाड़ी के युद्ध राणा सांगा तथा इब्राहिम लोदी के सेनापति मियां माकन व मिया हुसैन के मध्य हुआ ।

गागरोन का युद्ध (Gagron Ka Yudha)

• गागरोन का युद्ध 1519 में झालावाड़ में हुआ ।
• गागरोन का युद्ध सांगा तथा मांडू (गुजरात) के सुल्तान महमूद खिलजी द्वितीय के मध्य हुआ ।
• सांगा ने महमूद खिलजी को लगभग 6 महिने तक बन्दी रखा, बाद में छोड़ दिया ।
• गागरोन का युद्ध में मेवाड़ के शासकों ने पहली बार रक्षात्मक युद्ध प्रणाली के स्थान पर आक्रमण युद्ध प्रणाली अपनाई ।

बयाना का युद्ध (Bayana Ka Yudha)

• बयाना का युद्ध 16 फरवरी 1527 में भरतपुर में लड़ा गया ।
• राणा सांगा व बाबर के मध्य युद्ध हुआ ।
• बयाना के युद्ध में विजय सांगा की हुई ।

खानवा का युद्ध (Khanwa Ka Yudha)

• खानवा का युद्ध (Khanva Ka Yudha) 17 मार्च 1527 में हुआ ।
• खानवा युद्ध भरतपुर की रूपावास तहसील में सांगा व बाबर के मध्य लड़ा गया ।
• बाबर ने खानवा के युद्ध में जिहाद (धर्म युद्ध) का नारा दिया ।
• बाबर ने खानवा के युद्ध के बाद गाजी (धर्म योदा) की उपाधि धारण की ।
• बाबर ने खानवा के युद्ध में मुस्लमान व्यापारियों से लिये जाने वाले ‘तमगा कर’ माफ किया ।
• सांगा का सेनापति हसन खाँ मेवाती था ।
• सांगा को सहलदी तंवर ने धोखा दिया ।
• बाबर ने खानवा के युद्ध में तोपों तथा तुलगमा युद्ध पद्धति का प्रयोग किया ।
• खानवा के युद्ध में सांगा का छत्र झाला अज्जा ने धारण किया ।
• सांगा के सिर में तीर लगने से मुर्च्छित हो गया तथा सांगा की मृत्यु विष देने से कालपी (मध्यप्रदेश) में हुई ।
• सांगा की समाधि मण्डलगढ़, भिलवाड़ा में बनी हुई है ।
• आमेर का शासक पृथ्वीराज कच्छवाह, जोधपुर का शासक रावगंगा का पुत्र राव मालदेव, सिरोही का शासक अखेराज देवड़ा, बूँदी का शासक नारायण दास, बीकानेर का शासक जैत्रसिंह का पुत्र कल्याणमल, चन्देरी का शासक मेदनीराय और जगनेर का ठिकानेदार अशोक परमार ने खानवा के युद्ध में राणा सांगा का साथ दिया ।
• सांगा अन्तिम हिन्दू राजपुत शासक था, जिसके नेतृत्व में सभी राजपूत शासकों ने विदेशियों को भगाने के लिए युद्ध किया ।
• मीराबाई का पति भोजराज राणा सांगा का ही पुत्र था । जो खानवा के युद्ध में मारा गया ।

रतन सिंह प्रथम (Ratan Singh Pratham)

• रतन सिंह प्रथम का शासन काल 1528 से 1531 तक रहा ।
• रतन सिंह प्रथम बुंदी के शासक सुरजमल के साथ युद्ध करता हुआ मारा गया ।
• अहेरिया उत्सव के समय रतन सिंह बुन्दी गया था ।

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